जिसे भूल कर भी भुला ना सके हम

जिसे  भूल कर भी  भुला  ना सके  हम ,

जिसे  भूल कर भी  भुला  ना सके  हम ,
उसे ना  फिर  कभी याद आ  सके  हम ,
जिसे  भूल  कर भी ....
यूँ  बातें  बहोत  की  बिना  बात  की ,
पर  हाल ए  दिल  अपना  बता... continue on link given below..
लेखक  - मनोहर  M. K. Srivastava

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