"शायद वही है प्यार" रातों को जब नींद ना आये, दिल का चैन भी कहीं खो जाये, याद आये कोई जो बारम्बार, शायद वही है प्यार | आँखों में खुमारी सी छा जाये, सपनों में केवल वो ही वो आये, हर पल रहे जिसका इंतज़ार, शायद वही है प्यार | जो जान से भी अजीज़ हो जाये, दिल को उनके बिना कुछ भी न भाये, पाने को जिसे दिल हो बेकरार, शायद वही है प्यार | आँखों से दूर होने पर जिनके अश्रु छलक जाये, दूर जाते हुए भी जो नयनो...
क्यों ... मेरा मन, भटकता रहता है ? सूनसान गलियों में, तो कभी तंहाईयों में, जाने किसे ढूंढता है? मेरा मन | शहरों व कस्बों में, गांव नगर में, जन निर्जन में, पहाड़, जंगल और बीहड़ में, आखिर किसे खोजता है ? मेरा मन | कौन है जो, मेरे अंतर्मन को इतनी गहराइयों तक छू गया? मन को मेरे चितवन से चुरा ले गया | कौन है वो, जिसने मेरे हृदय के सुनेपन में संगीत बिखेर दिये? दिल के हर तार को, कैसे उसने, झंकृत कर दिये ? आखिर, कौन है वो? जिसके लिए, मेरा मन, व्याकुल सा है | इस संसार से, विरक्त रहकर भी, किसके लिए, मेरा मन, इतना आसक्त है | किसकी, मेरे जीवन में तलाश है? कौन है वो, आखिर, कौन है वो, जिसके लिए, मेरा मन व्याकुल सा है ? https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=155086366232392&id=105834191157610 लेखक - मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव पता- निकट शीतला माता मंदिर , शितला नगर , ग्राम तथा पोस्ट - बिजनौर , जिला - लखनऊ , उत्तर प्रदेश , भारत , पिन - 226002 सम्पर्क - 8787233718 E-mail - manoranjan1889@gmail.com
कुछ सपने थे जो टूट गए, कुछ अपने थे जो छुट गए, पहले तो कुछ ना आभास था, यह भी होगा, ना विश्वास था, पर होनी तो होकर गुजरी, सब सगे स्नेह से लूट गए, कुछ सपने थे जो टूट गए | कुछ आदर्शों की कलियां थीं, कुछ संघर्षों की फलियां थीं, पर दगा-ठगाई से हम मरे, जितने सच थे सो झूठ गए, कुछ सपने थे जो टूट गए | अब तक की यही कहानी है, जीवन लगता कितना बेमानी है, ...
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