यादों के इस तंहा सफर में ,
यादों के इस तंहा सफर में ,
मनोहर, एक हमसफर की तलाश है ...
दुख के काले अंधियारों में ,
सुख के पुलकित राहों में ,
साथ जो निभा सके उम्र भर ,
मनोहर, एक हमराह की तलाश है ..
यादों के ......
एक हमसफर की ......
यूँ तो चेहरे हैं कई हजार ,
दुनिया के इस भीड़ में ,
पर उन हजारों के बीच में ,
मनोहर, एक अपने की तलाश है ...
यादों के .......
एक हमसफर की....
जीवन के कड़े संघर्ष में,
राह जो दिखा सके अंत तक ,
पथ प्रदर्शक बन जाये जो ,
मनोहर, एक उम्रदराज की तलाश है |
लेखक :- " मनोहर " M. K. Srivastava
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