अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष
🙏🌷 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं। जय नारी शक्ति, जय भवानी! "यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, तत्र रमंती देवाः।" अर्थात् जहां स्त्रियों की पूजा होती है, उन्हे सम्मान दिया जाता है, वहां रहना ईश्वर को प्रिय लगता है। "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।" अर्थात् माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी महान होती है, तभी तो देवता भी मां की गोद और आंचल की छांव के लिए स्वर्ग का त्याग कर धरा पर जन्म पाने को लालायित रहते हैं। नारी तू नारायणी, और तू ही महिषासुर मर्दनी भी है अर्थात् स्त्री यदि जन्म देना जानती है, साथ जीवन के सुख दुःख बांटना जानती है, लालन पालन करना जानती है तो समय आने पर दुर्गा शक्ति और चंडी का रुप धर जग का संहार भी कर सकती है। इसका व्यापक उदाहरण रामायण और महाभारत हैं। बिना स्त्री के संसार और जीवन चक्र की कल्पना तो स्वयं ब्रह्मा के लिए भी संभव नहीं, तो मानव क्या है? हे मानव कर तू प्रतिज्ञा, करेगा स्त्री का सम्मान तू स्त्री है तो जीवन है, जीवन में राग संगीत है प्रेम है....(शेष आगे) स्त्रियों को समर्पित "स्त्री" साझा काव्य संग्रह Pub...